बजट 2025 में आम आदमी के लिए क्या क्या? सरकार ने बजट में मिडिल क्लास पर दिया खासा ध्यान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश किया, जिसमें मध्यम वर्ग पर खासा ध्यान दिया गया है। अब 12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। गिग वर्कर्स के लिए पहचान पत्र और स्वास्थ्य सुविधाएँ दी जाएंगी। किसानों के लिए KCC की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है।

100 News Desk
100 News Desk New Delhi 10 Min Read
10 Min Read

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट 2025 पेश किया। इस बजट में आम आदमी, युवाओं, उद्योगों और अर्थव्यवस्था के लिए कई बड़े ऐलान किए गए। बजट में सरकार ने ऐलान किया कि अब 12 लाख रुपये तक कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। सरकार ने बजट में मिडिल क्लास पर खासा ध्यान दिया है।

आम आदमी के लिए ये 10 बड़े ऐलान

  • अब 12 लाख रुपये की कमाई तक कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
  • सरकार डायरेक्ट टैक्स पर 1 लाख करोड़ रुपये और टैक्स रेट में बदलाव के कारण डायरेक्ट में 2,600 करोड़ रुपये की छूट देगी।
  • 25 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को कर में 1,10,000 रुपये का लाभ मिलेगा। 18 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले व्यक्ति को कर में 70,000 रुपये का लाभ मिलेगा
  • मोबाइल फ़ोन की बैटरी बनाने के लिए 28 और सामानों को कैपिटल गुड्स की छूट वाली लिस्ट में शामिल किया गया है।
  • स्टार्टअप्स को टैक्स बेनिफिट लेने के लिए कंपनी बनाने की समय सीमा 5 साल और बढ़ा दी गई है।
  • गिग वर्कर्स, जो ऐप या प्लेटफॉर्म के जरिए काम करते हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है। सरकार उन्हें पहचान पत्र देगी और e-Shram पोर्टल पर रजिस्टर करेगी। उन्हें PM जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलेंगी। इससे लगभग 1 करोड़ गिग वर्कर्स को फायदा होगा।
  • अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए SWAMIH स्कीम के तहत 50,000 घर बनकर तैयार हो गए हैं। 2025 में 40,000 और घर बनने की उम्मीद है। इसके अलावा, SWAMIH Fund 2 में 15,000 करोड़ रुपये से 1 लाख और घर बनाए जाएंगे।
  • कुछ खास वित्तीय संस्थानों से लिए गए 10 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर TCS नहीं लगेगा।
  • किराए पर TDS की सालाना सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स कटौती की सीमा दोगुनी करके 1 लाख रुपये कर दी गई है।

बजट में आंगनबाड़ी क्षेत्र के जरिए सक्षम पोषण योजना, 20 लाख किशोरियों के पोषण की योजना भी ग्रामीण क्षेत्र और महिलाओं से जुड़ी हैं। श्रम सघन क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमशीलता बढ़ाने पर जोर देकर रोजगार बढ़ाने का इरादा जताया गया है। पेंशन लेने वालों के लिए केवाईसी सिस्टम के सरलीकरण का दावा है। मध्यम वर्ग को भी बहुत कुछ देने की कोशिशें बजट में दिखी हैं, लेकिन असल फायदे बजट के बारीक आकलन से ही साफ हो पाएंगे।

विकास की गति बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की घोषणा भी है। कॉरपोरेट और बाकी प्राइवेट सेक्टर भारत में ही निवेश बढ़ाए, इसके लिए रोडमैप तो कुछ दिखता है, लेकिन यह सेक्टर सही में निवेश बढ़ाएगा या विदेश से ही कच्चा माल लाकर काम करना ज्यादा पसंद करेगा, यह देखने की बात है।

पूरे बजट को 11 चरण में समझें…

नौकरीपेशा की ₹12.75 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री

  • नौकरीपेशा लोगों को नई टैक्स रिजीम चुनने पर सालाना ₹12.75 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। अन्य किसी भी जरिए से आमदनी होने पर टैक्स में छूट की सीमा केवल ₹12 लाख रहेगी।

SC -ST की MSME महिला उद्यमियों के लिए विशेष लोन योजना

  • पहली बार उद्यमी बनने वाली महिलाओं को दो करोड़ का टर्म लोन मिलेगा।
  • आंगनवाड़ी योजना के तहत देश भर में 8 करोड़ से अधिक बच्चों और 1 करोड़ गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन दिया जाएगा।
  • महिलाओं के लिए मिशन शक्ति योजना को 3 हजार 150 करोड़ का बजट दिया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाई, नारी अदालत, महिला हेल्पलाइन, महिला पुलिस वॉलंटियर योजनाओं को इसमें से 629 करोड़ रुपए मिलेंगे।
  • स्वधार गृह, मातृ वंदन, वर्किंग वुमंस हॉस्टल और नेशनल क्रेच जैसी स्कीम्स को 2 हजार 521 करोड़ का बजट दिया गया है। निर्भया फंड के तहत चल रही योजनाओं के लिए 30 करोड़ का बजट है।
  • नॉर्थ-ईस्ट में महिला-बाल विकास के लिए 2 हजार 615 करोड़ की योजनाएं, राज्य सरकारों को 22 हजार 195 करोड़ की मदद और केंद्र शासित प्रदेशों में महिला और बाल विकास के प्रोग्राम चलाने के लिए 897 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

जनजातियों के लिए DAJGUA का बजट चार गुना, 30 राज्यों में असर

  • जनजातियों के कल्याण के लिए बजट 14 हजार 925 करोड़ कर दिया गया है। पिछले साल यह 10 हजार 237 करोड़ के करीब था। यानी इस साल इसमें 45% की बढ़ोतरी की गई है।
  • एकलव्य बोर्डिंग स्कूलों के लिए 7 हजार करोड़ से ज्यादा बजट दिया गया है। जनजातीय विकास मिशन के लिए 380 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना में 335 करोड़ से ज्यादा का बजट है।
  • धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) का बजट 500 करोड़ से चार गुना बढ़ाकर 2 हजार करोड़ कर दिया गया है। इससे 63 हजार 843 गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, आंगनवाड़ी सुविधाओं का इजाफा होगा। 30 राज्यों के 549 जिलों में 5 करोड़ जनजातीय लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

देश को बनाया जाएगा खिलौना हब

  • देश को खिलौनों के लिए बड़ा केंद्र बनाने के लिए नेशनल एक्शन प्लान बनाया जाएगा। हम क्लस्टर्स का डेवलपमेंट करेंगे। स्किल और मैन्युफैक्चरिंग के लिए इको सिस्टम बनाया जाएगा। इससे हाईक्वालिटी, अनोखे, इनोवेटिव और लंबा चलने वाले खिलौने बनेंगे।
  • इन उत्पादों की वैश्विक मांग में समग्र गिरावट के कारण भारत का खिलौना निर्यात 2021-22 में 177 मिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर 2023-24 में 152 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
  • पिछले एक दशक में भारत खिलौनों के लिए चीन पर निर्भर होता जा रहा है। फिलहाल देश औसतन 76% खिलौना आयात करता है।

बुजुर्गों के लिए: टैक्स में डबल छूट

  • सीनियर सिटिजंस के लिए टैक्स छूट दोगुनी, 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए
  • नेशनल सेविंग स्कीम खाते से 29 अगस्त 2024 के बाद निकाली गई रकम को टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा।

किसान के लिए

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए हुई।
  • देश में पीएम धन-धान्य कृषि योजना शुरू होगी। 100 जिलों को फायदा होगा।
  • डेयरी और मछली पालन के लिए 5 लाख रुपए तक का लोन।
  • समुद्री उत्पाद सस्ते होंगे, कस्टम ड्यूटी 30% से घटाकर 5% की गई।अंडमान, निकोबार और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा मिलेगा।
  • दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए 6 साल का मिशन।
  • पोस्ट पेमेंट बैंक पेमेंट सर्विस ग्रामीण योजनाओं में बढ़ाई जाएगी।
  • कपास उत्पादन के लिए 5 साल की कार्ययोजना। प्रोडक्शन- मार्केटिंग पर फोकस। असम के नामरूप में नया यूरिया प्लांट लगेगा।

ऑनलाइन डिलिवरी, कैब चलाने वालों को आईकार्ड व PMJAY का फायदा

  • 1 करोड़ GIG वर्कर्स यानी फूड डिलीवरी करने वाले, कैब चलाने वाले और ऑनलाइन डिलिवरी करने वाले वर्कर्स को आईकार्ड दिए जाएंगे।
  • इनका ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का फायदा भी मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक इन GIG वर्कर्स की संख्या 23 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी।

स्वास्थ्य के लिए: 200 डे केयर कैंसर सेंटर बनेंगे

  • सरकार ने 36 जीवन रक्षक दवाएं पूरी तरह से टैक्स फ्री कर दी हैं। कैंसर जैसी भयावह बीमारी से जूझ रहे लोगों और परिवारों को राहत देने के लिए अगले 3 सालों में सभी जिला अस्पतालों में 200 डे केयर कैंसर सेंटर बनाएगी।

शिक्षा के लिए: सभी माध्यमिक विद्यालयों में इंटरनेट

  • देश में ज्ञान भारत मिशन शुरू होगा। 1 करोड़ मैनुस्क्रिप्ट का डिजिटलाइजेशन होगा।
  • सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी।
  • स्किल बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के 5 सेंटर बनाए जाएंगे।

जीवन रक्षक दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोबाइल होंगे सस्ते

  • सरकार ने बजट में कैंसर की दवाएं सस्ती करने का ऐलान किया है।
  • अगले 3 साल में देश के सभी जिलों में कैंसर डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे।
  • अगले फाइनेंशियल ईयर में ही ऐसे 200 सेंटर बनाए जाएंगे

युवाओं और रोजगार के लिए: मेडिकल की 75 हजार सीटें बढ़ेंगी

  • स्टार्टअप के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंड बनेगा।
  • 500 करोड़ रुपए से 3 Ai (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक्सीलेंस सेंटर बनेंगे।
  • मेडिकल एजुकेशन में अगले 5 साल में 75 हजार सीटें बढ़ेंगी। एक साल में 10 हजार सीटें बढ़ाई जाएंगी।
  • देश में 23 IIT में 6500 सीटें बढ़ाई जाएंगी। पटना IIT के हॉस्टल का विस्तार किया जाएगा।
  • पीएम रिसर्च फेलोशिप के तहत 10 हजार नई फेलोशिप दी जाएगी।
  • रोजगार के लिए सरकार ने अलग से कोई घोषणा नहीं की। हालांकि सीतारमण ने कई योजनाओं का ऐलान करते हुए यह जरूर कहा कि इनसे रोजगार का सृजन होगा।
Share This Article
Follow:
NewsDesk is our dedicated team of multimedia journalists at 100 News UP, delivering round-the-clock coverage of breaking news and events uttar pradesh. As your trusted news source, NewsDesk provides verified updates on politics, business, current affairs, and more.
1 Comment

Leave a Reply

Exit mobile version