बाराबंकी: बाराबंकी में डायग्नोस्टिक सेंटर का लाइसेंस जारी करने के लिए घूस मांगने के मामले में डिप्टी सीएमओ और पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित को निलंबित कर दिया गया है। घूस मांगने का वीडियो सामने आने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने बाराबंकी के जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी की संयुक्त टीम से जांच कराई। जांच कमेटी की रिपोर्ट में डॉ. राजीव दोषी पाए गए। डॉ. राजीव दीक्षित को मंडलीय अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय से संबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “डिप्टी सी०एम०ओ०, बाराबंकी द्वारा डायग्नोस्टिक सेंटर हेतु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए धनराशि मांगे जाने संबंधी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में जिलाधिकारी, बाराबंकी द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट एवं इस प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत मेरे द्वारा डिप्टी सी०एम०ओ०, बाराबंकी को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही किये जाने हेतु प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य को निर्देश दिये गए हैं तथा सी०एम०ओ०, कार्यालय, बाराबंकी में नियंत्रण न रखपाने व प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बाराबंकी के विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही करने के लिये प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य को निर्देशित किया गया है।”