बलरामपुर: नगर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गादूरहवा निवासी विवेक कुमार ने 5 दिसंबर को नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम पर लोन स्वीकृत हुआ, लेकिन धनराशि उन्हें नहीं मिली। विवेक को तब शक हुआ जब उनके खाते से लोन की किस्तें कटने लगीं।
एसपी विकास कुमार के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के अंदर इंडियन बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक कुलभूषण अस्थाना, मारूफ और अब्दुल गनी को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पता चला कि विवेक कुमार ने अपने मित्र मारूफ के जरिए लोन के लिए आवेदन किया था। लोन स्वीकृत होने के बाद रकम मेकरानी ट्रेडर्स के खाते में ट्रांसफर हुई। मेकरानी ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर अब्दुल गनी ने यह धनराशि मारूफ के खाते से अपने खाते में ट्रांसफर कर ली।
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ में पाया कि शाखा प्रबंधक ने धोखाधड़ी में अहम भूमिका निभाई। आरोपियों ने पीड़ित विवेक कुमार से कई जगहों पर हस्ताक्षर करवाए और फर्जी कोटेशन के आधार पर लोन स्वीकृत करवा लिया। लोन की राशि को तीनों ने आपस में बांट लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई के लिए एसपी विकास कुमार ने जांच टीम की सराहना की है।