लखनऊ/गोरखपुर: गोरखपुर में एक पुलिस अवर निरीक्षक और उनके तीन सहयोगियों पर कथित तौर पर व्यवसाई से 50 लाख रुपये की उगाही करने का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी एसआई आलोक सिंह गोरखपुर के बेनीगंज पुलिस चौकी के प्रभारी हैं, जिन्हें गिरफ्तार और निलंबित भी कर दिया गया।
गोरखपुर के व्यवसायी नवीन कुमार श्रीवास्तव ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं जैसे चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के तहत कोतवाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। एक लोक सेवक के रूप में आलोक सिंह के कथित कदाचार के कारण पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भी लागू किया है।
इन गंभीर आरोपों के जवाब में एसएसपी गौरव ग्रोवर ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। एफआईआर के मुताबिक, घटना तब हुई जब नवीन कुमार श्रीवास्तव अपने दोपहिया वाहन पर चैनलाल चौक से हरीश क्रॉसिंग की ओर 85 लाख रुपये ले जा रहे थे। उनके साथ उनके भाई गगन कुमार भी थे। जैसे ही वे बेनीगंज पुलिस चौकी के पास से गुजरे, सादे कपड़ों में आए आलोक सिंह और उनके तीन अज्ञात साथियों ने उन्हें रोक लिया।
केवल वर्दीधारी आलोकसिंह ने पैसे वाले बैग का निरीक्षण करने की मांग की। आलोक सिंह ने कथित तौर पर नवीन को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर 50 लाख रुपये सरेंडर करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया का पालन किए, उन्हें रिहा करने से पहले शेष 35 लाख रुपये वापस कर दिए। एसपी सिटी कृष्ण बिश्नोई ने कहा, आलोक ने यह जानकारी अपने वरिष्ठों से भी छिपाई। बाद में नवीन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
एसएसपी गौरव ग्रोवर के निर्देश पर डीएसपी गौरव कुमार त्रिपाठी ने जांच शुरू की। इसके चलते सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों ने बताया कि सिंह के पास से 44 लाख रुपये बरामद किये गये हैं। पुलिस ने कहा, “एसआई के मुखबिर प्रिंस श्रीवास्तव, जिसने उसे पैसे ले जाए जाने के बारे में सूचना दी थी, पर भी मामला दर्ज किया गया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।”